• होम
  • टेक
  • क्वांटम कंप्यूटिंग में भारत का बड़ा कदम

क्वांटम कंप्यूटिंग में भारत का बड़ा कदम

देश में अब क्वांटम हार्डवेयर की टेस्टिंग भारत में ही संभव हो सकेगी। आंध्र प्रदेश के अमरावती में दो क्वांटम कंप्यूटर शुरू किए गए हैं, और अगले दो वर्षों में ऐसे 100 सिस्टम बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अमरावती के मेधा टावर में जब “अमरावती 1Q” क्वांटम कंप्यूटर का स्विच ऑन हुआ, तो भारत […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
inkhbar News
  • April 15, 2026 12:13 pm IST, Updated 1 hour ago

देश में अब क्वांटम हार्डवेयर की टेस्टिंग भारत में ही संभव हो सकेगी। आंध्र प्रदेश के अमरावती में दो क्वांटम कंप्यूटर शुरू किए गए हैं, और अगले दो वर्षों में ऐसे 100 सिस्टम बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अमरावती के मेधा टावर में जब “अमरावती 1Q” क्वांटम कंप्यूटर का स्विच ऑन हुआ, तो भारत क्वांटम कंप्यूटिंग क्षमता वाले चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो गया। अगले 30 घंटों में इस क्वांटम कंप्यूटर के चैंबर का तापमान -273°C तक पहुंच जाएगा, जिसके बाद भारत में ही क्वांटम हार्डवेयर की टेस्टिंग संभव होगी।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने एसआरएम यूनिवर्सिटी कैंपस में “अमरावती 1S” देश को समर्पित कर दिया, साथ ही उन्होंने रिमोट के जरिए मेधा टावर में स्थापित “अमरावती 1Q” का संचालन भी शुरू किया।
“1S” का उपयोग शोधकर्ता करेंगे, जबकि “1Q” का उपयोग स्टार्टअप्स और इंडस्ट्री के लिए किया जाएगा।

एसआरएम यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. पी. सत्यनारायण ने बताया कि अगले दो वर्षों में यहां 100 क्वांटम कंप्यूटर तैयार करने की योजना है। भारतीय क्वांटम रेफरेंस फैसिलिटी की सबसे बड़ी खासियत इसका ओपन एक्सेस होना है।

आईबीएम का क्वांटम कंप्यूटर भी लगेगा

मुख्यमंत्री ने बताया कि दिसंबर 2026 में IBM का क्वांटम कंप्यूटर लगाने की योजना थी। इसी दौरान आईबीएम के वैज्ञानिक वेंकट सुब्रह्मण्यम से स्वदेशी क्वांटम कंप्यूटर पर चर्चा हुई। उन्होंने नौकरी छोड़कर भारत में “Qubit Force” नाम से स्टार्टअप शुरू किया और देशी कंपोनेंट्स के साथ काम करते हुए मात्र 3 महीनों में 4 क्यूबिट के दो क्वांटम कंप्यूटर तैयार कर दिए।

Gauravshali Bharat

India’s big step towards quantum computing

लागत और भविष्य की योजना

इन दोनों उपकरणों को स्थापित करने में कुल लगभग 30 करोड़ रुपये का खर्च आया (प्रत्येक पर 15 करोड़ रुपये)।
इसके अलावा, 100 समस्याओं के समाधान के लिए क्वांटम एल्गोरिद्म विकसित किए जा रहे हैं, जिन पर Tata Institute of Fundamental Research और Indian Institute of Science ने काम किया है।

क्वांटम वैली प्रोजेक्ट के तहत केंद्रीय भवन में IBM का 133 क्यूबिट वाला क्वांटम कंप्यूटर भी स्थापित किया जाएगा। भारत के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार अजय सूद ने कहा कि आज मोबाइल जैसे हार्डवेयर सेक्टर में चीन, अमेरिका, दक्षिण कोरिया, ताइवान और जापान का दबदबा है, जबकि भारत का योगदान सीमित है। भारत सॉफ्टवेयर में पहले से ही मजबूत है, और इस पहल से अब हार्डवेयर क्षेत्र में भी आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।

Advertisement

Create a free account, or log in.

Gain access to read this content, plus limited free content.

Yes! I would like to receive new content and updates.